नीचे मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) की 23 नवंबर 2025 की प्रमुख खबरें हिन्दी में दी गई हैं:
1. करीब ₹400 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा
जिले में बेरोजगारों को नौकरी-लोन का लालच देकर उनके दस्तावेज इकट्ठे किए गए, फिर देशभर में 144 फर्जी फर्में खोलकर लगभग ₹400 करोड़ की जीएसटी चोरी करने का मामला सामने आया है।
इस घोटाले में मास्टरमाइंड मो. इखलाक व उसके सहयोगी इत्तेफात आलम उर्फ दानिश कबाड़ी को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों से मोबाइल फोन, आठ एटीएम कार्ड, पॉलिसी-बाजार कार्ड व तीन आधार कार्ड बरामद हुए हैं। डायरी में 535 फर्मों का विवरण मिला है।
मामला जब सामने आया था कि लोहे से भरे दो ट्रक पकड़े गए थे, इसके बाद राज्य कर अधिकारी की तहरीर पर कार्रवाई शुरू हुई थी।
प्रभाव और समीक्षा: यह मामला मुरादाबाद में टैक्स फ्रॉड व फर्जी कंपनियों की सक्रियता को उजागर करता है। आगे की जांच में गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश जारी है।
2. घरेलू विवाद में बेटे ने मां को पीटा, किरायेदार को लोहे की रॉड से घायल किया
थाना मझोला क्षेत्र के विकास नगर मोहल्ले में एक महिला को उसका बेटा गाली-गलौज व मारपीट करने लगा।
घटना के समय किरायेदार ने हस्तक्षेप किया, तो आरोपी ने उसे लोहे की रॉड से हमला कर घायल कर दिया।
महिला के पति की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मारपीट, धमकी आदि धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
प्रभाव और समीक्षा: यह घरेलू हिंसा व सार्वजनिक हस्तक्षेप के बीच की जटिलता को दर्शाता है। किरायेदारों की सुरक्षा व स्थानीय थाना-प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण बनेगी।
3. प्रेम-सम्बंध विवाद: छह बच्चों की मां ने सात बच्चों के पिता को दे दी दिल की बात
मुरादाबाद में ऐसा मामला सामने आया है जहाँ 6 बच्चों की मां ने 7 बच्चों के पिता के प्यार में पड़ने की बात स्वीकार की है।
महिला ने आरोप लगाया कि प्रेमी ने निकाह का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में न निकाह किया और न खर्च।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाया व पंचायत करवाई गई; अंततः प्रेमी ने निकाह के लिए सहमति दे दी।
प्रभाव और समीक्षा: सामाजिक व पारिवारिक जटिलताओं को उजागर करता यह मामला, विवाह-विश्वास एवं सामाजिक अपेक्षाओं पर प्रश्न खड़ा करता है।
निष्कर्ष
23 नवंबर 2025 को मुरादाबाद से तीन प्रमुख प्रकार की खबरें सामने आईं —
वित्तीय व टैक्स फ्रॉड (जीएसटी चोरी)
घरेलू हिंसा व किरायेदारी विवाद
प्रेम-सम्बंध व सामाजिक विवाद
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